विज्ञान

Posted On जनवरी 31, 2008

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जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विज्ञान ने क्रांति उत्पन्न कर दी है। विज्ञान की अद् भुत उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रकवि दिनकर जी ने कहा है-
पूर्व युग सा आज का जीवन नहीं लाचार, आ चुका है दूर द्वापर से बहुत संसार,
यह समय विज्ञान का,सब भान्ति पूर्ण समर्थ, खुल गए हैं गूढ़ संसृति के अमित गुरु अर्थ।
चीरता तम को संभाले बुद्धि का पतवार, आ गया है ज्योति की नव भूमि में संसार।।

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