उपदेशों का मूल सार

Posted On मई 24, 2007

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Comments Dropped 2 responses

सबसे प्रेम करो। क्षमा को धारण करो। शान्ति के लिये प्रयत्न करो। प्रभु में विश्वास रखो।

2 Responses to “उपदेशों का मूल सार”

  1. divyabh

    उपदेश ही व्यक्ति के पतन को सहारा देता है मगर
    जब यह सही ढग से सही रुप में लिया जाए
    अर्थ का अनर्थ न निकाला जाए जो हजारों सालों से
    हमारे तथाकथित पंडित जन करते आ रहे हैं।

  2. paramjitbali

    सत्य है । \

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