होली

Posted On मार्च 3, 2007

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सभी पाठको को होली की शुभकामनाएं।होली बसंत का पर्व है।इसे बसंत का वौवन कहा जाता है।होली उत्सव को आपसी प्यार का प्ततीक माना है।होली कुदरत की सहचरी है।

हमें इस प्रेम और आन्नद के पर्व को दुशमनी में नहीं बदलना है।समता और भाई चारे का प्रचार करना है। छोटे और बडों को गले लगा कर एकता का उदाहरण देना हैं। होली का पर्व मनाना तभी सार्थक होगा यदि हम इसके असली मह्त्व को समझकर उसके अनुसार आचरण करें।

One Response to “होली”

  1. श्रीश शर्मा 'ई-पंडित'

    हिन्दी चिट्ठाजगत में स्वागत है सुषमा जी, होली की बधाई और साथ में आपकी पहली पोस्ट की भी बधाई।

    हिन्दी चिट्ठाजगत में आने वाले सभी लोगों के लिए ‘नारद’ और ‘परिचर्चा’ का सदस्य बनना जरुरी है। अन्यथा लोग आपके चिट्ठे के बारे में नहीं जान पाएंगे।

    अतः नारदमुनि से आशीर्वाद लेना न भूलें। इस लिंक पर जाकर अपना चिट्ठा पंजीकृत करवा लें।

    परिचर्चा हिन्दी फोरम की भी सदस्या बन जाइए। हिन्दी लेखन संबंधी किसी भी सहायता के लिए इस सबफोरम तथा ब्लॉग संबंधी किसी भी सहायता के लिए इस सबफोरम में सहायता ले सकती हैं।

    श्रीश शर्मा ‘ई-पंडित’

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