गन्ना के गुण
इसे ईख, साँठा भी कहते हैं। नित्य गन्ने का रस पीने और घूमते रहने से स्वाे्थ्य अच्छा रहता है। एक गिलास गन्ने का रस नित्य दो बार पीने से सूखी खाँसी में लाभ होता है। छाती की घबराहट जाती रहती है। ईख चूसते रहने से पथरी टुकढ़े-टुकढ़े होकर निकल जाती है। मन्द ज्वर में गन्ने का रस एक गिलास नित्य दो बार पीना लाभदायक है। गनएना नेत्रों के लिये हितकर है। जौ का सत्तू खाकर ऊपर से गन्ने का रस पीयें। एक सप्ताह में पीलिया ठीक हो जाएगा। ईख भोजन पचाता है,कब्ज़ दूर करता है,शक्तिदाता है। शरीर मोटा करता है।पेट की गर्मीको दूर करता है।
April 10, 2008
बहुत acchi janaakri देते हैं आप क्या आप कोकम के फायदे बता सकते हैं