April 6, 2008
छाछ या मठ्ठा शरीर से विजातीय तत्वों को बाहर निकालकर नव- जीवन प्रदान करता है। शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति उत्पन्न करता है। छाछ में घी नहीं होना चाहिये। गाय के दूध से बनी छआछ श्रेष्ठ होती है। भोजन के अन्त में छाछ, रात्रि के मध्य दूध और रात्रि के अन्त में पानी पीने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। गाय की छाछ में नमक मिलाकर पीने से कृमि मर जाते हैं। मोटापा छाछ पीने से कम होता है। छोटे बच्चों को नित्य छाछ पिलाने से दाँत निकलने में कष्ट नहीं होता। अपच के लिये छाछ एक औषधि है।