सिघांड़ा के गुण
March 30, 2008
सिंघाड़े में आयोडीन अधिक होता है। गले के रोग, टांस्सिल आदि में इसे खाना चाहिये। नींबू के रस में सूखे सिंघाड़े को दाद पर घिसकर लगाएँ। पहले तो कुछ जलन लगेगी, फिर ठंडक पड़ जाएगी। कुछ दिन इसे लगाने से दाद ठीक हो जाता है। गर्भाश्य की निर्बलता से गर्भ नहीं ठहरता, गर्भस्त्राव हो जाता हो तो कुछ सप्ताह ताज़े सिंघाड़े खाने से लाभ होता है। सिंघाड़े की रोटी खाने से रक्त- प्रदर ठीक हो जाता है।
भाई कहा सिंघाड़े की याद दिला दी ३० साल हो गये इसे खाये,बहुत् दिल करता हे लेकिन हमारे यहां मिलते नही,जानकारी के लिये धन्यवाद