मेरा प्यारा हिन्दुस्तान
जय उज्जवल कीर्ति विशाल हिन्द,
जय करुण सिन्धु, कृपालु हिन्द,
जय जयति सदा स्वाधीन हिन्द,
जय जयति जयति प्राचीन हिन्द।
जय उज्जवल कीर्ति विशाल हिन्द,
जय करुण सिन्धु, कृपालु हिन्द,
जय जयति सदा स्वाधीन हिन्द,
जय जयति जयति प्राचीन हिन्द।
याद आ गई रवीद्रनाथ ठाकुर की…बहुत सुंदर लिखा है…
भारत का यही नजरिया उसे आसमान में पहुंचाएगा जो अब
दिखता नहीं है…।
बहुत खूब !